Shri Kal Bhairav Chalisa/Stuti In Hindi (Benefits & Lyrics)

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Shri Kal Bhairav Chalisa Lyrics in Hindi

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Shri Kal Bhairav Chalisa Video by Anuradha Paudwal

Shri Kal Bhairav Chalisa ke Bare me 

Some Other Life-Changing Chalisa

Shri Kal Bhairav Chalisa ke Bare me- kal bhairav ji को प्रसन्न करने के लिए अनेक मंत्रों, स्तुतियों और आरती आदि की रचना की गई है। उन्हीं में से एक है shri kal bhairav chalisa काल भैरव का नाम सुनते ही एक अजीब-सी भय मिश्रित अनुभूति होती है। भगवान शिव के इस रुद्र रूप से लोगों को डर भी लगता है, लेकिन ये बड़े ही दयालु-कृपालु और जन का कल्याण करने वाले हैं।  शास्त्रों के अनुसार कलियुग में काल भैरव(kal bhairav chalisa) की उपासना शीघ्र फल देने वाली होती है। उनके दर्शन मात्र से शनि और राहु जैसे क्रूर ग्रहों का भी कुप्रभाव समाप्त हो जाता है। इनकी (kal bhairav) पूजा में उड़द और उड़द से बनी वस्तुएं जैसे इमरती, दही बड़े आदि शामिल होते हैं। चमेली के फूल इन्हें विशेष प्रिय हैं। भैरव (Shri Kal Bhairav) रात्रि के देवता माने जाते हैं। इस कारण इनकी साधना का समय मध्य रात्रि यानी रात के 12 से 3 बजे के बीच का है। इनकी उपस्थिति का अनुभव गंध के माध्यम से होता है। शायद यही वजह है कि कुत्ता इनकी सवारी है। कुत्ते की गंध लेने की क्षमता जगजाहिर है। We are providing Shri Kal Bhairav Chalisa lyrics.

               Shri Kal Bhairav Chalisa Lyrics In Hindi (full bhairav chalisa)

श्रीभैरवचालीसा

दोहा-श्रीगणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ |

चालीसा वन्दन करो श्री शिव भैरवनाथ ||

श्रीभैरव संकट हरण मंगल करण कृपाल |

श्याम वरण विकराल वपु लोचन लाल विशाल ||

जय जय श्री काली के लाला | जयति जयति काशी – कोतवाला ||

जयति बटुक – भैरव भय  हारी | जयति काल – भैरव बलकारी ||

जयति नाथ – भैरव विख्याता | जयति सर्व – भैरव सुखदाता ||

भैरव रूप कियो शिव धारण | भव के भार उतारण कारण ||

भैरव रव सुनी हवे भय दूरी | सब विधि होय कामना पूरी ||

शेष महेश आदि गुण गायो | काशी – कोतवाल कहलायो ||

जटा – जूट शिर चन्द्र विराजत | बाला मुकुट बिजायठ साजत ||

कटी करधनी घुंघरू बाजत | दर्शन करत सकल भय भाजत ||

जीवन दान दास को दीन्हों | कीन्हों कृपा नाथ तब चीन्हो||

वसि रसना वनि सारद – काली | दीन्हों वर राख्यो मम लाली ||

धन्य धन्य भैरव भय भंजन | जय मनरंजन खल दल भंजन ||

कर त्रिशूल डमरू शुचि कोड़ा | कृपा कटाक्ष सुयश नहिं थोड़ा ||

जो भैरव निर्भय गुण गावत | अष्टसिद्धि नव निधि फल पावत ||

रूप विशाल कठिन दुःखमोचन | क्रोध कराल लाल दुहूँ लोचन ||

अगणित भूत प्रेत संग डोलत | बम बम बम शिव बम बम बोलत ||

रुद्रकाय काली के लाला | महा कालहु के हो काला ||

बटकु नाथ हो काल गंभीरा | श्वेत रक्त अरु श्याम शरीरा ||

करत नीनहूँ  रूप प्रकाशा | भरत सुभक्तन कहं शुभ आशा ||

रत्न जड़ित कंचन सिंहासन | व्याघ्र चरम शुचि नर्म सुआनन ||

तुमहिं जाई काशिहिंजन ध्यावहिं | विश्वनाथ कहं दर्शन पावहीं ||

जय प्रभु संहारक सुनंद जय | जय उन्नत हर उमानन्द जय ||

भीम त्रिलोचन स्वान साथ जय | वैजनाथ श्री जगतनाथ जय ||

महा भीम भीषण शरीर जय | रूद्र त्र्यंबकम धीर बीर जय ||

अश्वनाथ जय प्रेतनाथ जय | स्वानारुण सयचंद्र नाथ जय ||

निमिष दिगम्बर चक्रनाथ जय | गहत अनाथन नाथ हाथ जय ||

त्रेशलेश भूतेश चन्द्र जय | क्रोध वत्स अमरेश नन्द जय ||

श्री वामन नकुलेश चंद्र जय | कृत्याऊ कीरति प्रचंड जय ||

रूद्र बटुक क्रोधेश कालधर | चक्र तुंड दश पाणिव्याल धर ||

करी मद पान शम्भु गुण गावत | चौसठ योगिन संग नचावत ||

करत कृपा जन पर बहु ढंगा | काशी कोतवाल अड़बंगा ||

देयं काल भैरव जब सोटा | नसै पाप मोटा से मोटा ||

जन कर निर्मल होय शरीरा | मिटै  सकल संकट भव पीरा ||

श्री भैरव भूतो के राजा | बाधा हरत करत शुभ काजा ||

ऐलादी के दुःख निवारयो | सदा कृपा करि काज सम्हारयो ||

सुंदर दास सहितअनुरागा | श्री दुर्वासा निकट प्रयागा ||

श्री भैरवजी की जय लेख्यो | सकल कामना पूरण देख्यो ||

 दोहा

जय जय जय भैरव बटुक स्वामी संकट टार |

कृपा दास पर कीजिए शंकर के अवतार ||

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Anuradha Paudwal  shri kal bhairav chalisa lyrics

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